प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष-प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप्स के संस्थापकों और CEOs से मुलाकात की

दिनांक: 20 अगस्त 2026

स्थान: नई दिल्ली, भारत

20 अगस्त 2026 को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में भारतीय अंतरिक्ष-प्रौद्योगिकी से जुड़े स्टार्ट-अप्स के संस्थापकों और CEOs के साथ एक विशेष बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य देश में अंतरिक्ष क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना और स्टार्ट-अप्स को सरकारी सहयोग प्रदान करने के तरीकों पर चर्चा करना था।

बैठक का महत्व

भारत सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निजी कंपनियों और स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र में स्टार्ट-अप्स की भूमिका को सराहा और कहा कि वे भारत के अंतरिक्ष मिशनों को और अधिक सफल बनाने में अहम योगदान दे रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र अब केवल सरकारी एजेंसियों तक सीमित नहीं रहा। युवा उद्यमी और स्टार्ट-अप्स इस क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं, जो देश को वैश्विक अंतरिक्ष मानचित्र पर और ऊंचा ले जाएंगे।"

बैठक में मुख्य विषय

  • स्टार्ट-अप्स के लिए सरकारी नीतियों और वित्तीय सहायता के अवसर
  • अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देना
  • डाटा और उपग्रह सेवाओं के व्यावसायिक उपयोग के लिए नए मॉडल
  • वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में भारतीय स्टार्ट-अप्स की भागीदारी
  • आईएसरो (ISRO) के साथ सहयोग के नए अवसर

बैठक में शामिल प्रमुख स्टार्ट-अप्स

स्टार्ट-अप का नाम संस्थापक/CEO मुख्य क्षेत्र स्थापना वर्ष
स्पेसटेक इंडिया अजय वर्मा सैटेलाइट कम्युनिकेशन 2020
ऑर्बिटल सॉल्यूशंस नीहा शर्मा रिमोट सेंसिंग डेटा 2019
गैलेक्सी इनोवेशन राहुल मेहता स्पेस ड्रोन टेक्नोलॉजी 2021
सैटसर्व मीनाक्षी राव सैटेलाइट सर्विसेज 2018

सरकार की नई पहल

प्रधानमंत्री की इस बैठक के बाद, सरकार ने घोषणा की कि वह अगले पांच वर्षों में अंतरिक्ष-प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप्स के लिए 500 करोड़ रुपये का एक विशेष फंड बनाएगी। इस फंड का उद्देश्य नई तकनीकों के विकास को प्रोत्साहित करना और युवा उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना होगा।

इसके अलावा, “स्पेस इनोवेशन हब” नामक एक नया केंद्र भी स्थापित किया जाएगा, जहां स्टार्ट-अप्स को तकनीकी सलाह, प्रशिक्षण और प्रयोगशालाओं की सुविधा मिलेगी। यह केंद्र भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों का हिस्सा होगा।

अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की प्रगति

भारत ने पिछले कुछ दशकों में अंतरिक्ष क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। ISRO के सफल मिशन जैसे चंद्रयान, मंगलयान, और हाल ही में गगनयान ने भारत को विश्व के अग्रणी देशों की सूची में शामिल किया है। अब निजी क्षेत्र की भागीदारी से यह क्षेत्र और भी तेजी से विकसित हो रहा है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह बैठक भारतीय अंतरिक्ष-प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप्स के लिए एक नई उम्मीद और प्रोत्साहन लेकर आई है। सरकार की मदद से ये स्टार्ट-अप्स न केवल देश के अंतरिक्ष मिशनों को सफल बनाएंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान को मजबूत करेंगे।

यह मुलाकात भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी उद्यमिता को बढ़ावा देने और नवाचार के नए रास्ते खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।