भारत सरकार ने 13 सितंबर 2026 को पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद (Western Regional Council) की 28वीं बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की। यह बैठक पश्चिमी क्षेत्र के विकास, आर्थिक प्रगति, सामाजिक कल्याण और क्षेत्रीय समन्वय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुलाई गई थी। इस बैठक में क्षेत्र के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, केंद्रीय मंत्री और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद क्या है?
पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद भारत के पश्चिमी राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय बढ़ाने के लिए बनाई गई एक संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को तेज करना, संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना और राज्यों के बीच नीति समन्वय को बढ़ावा देना है। परिषद में महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, गोवा जैसे राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
28वीं बैठक के मुख्य एजेंडे
इस बैठक में जिन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई, वे निम्नलिखित हैं:
- पश्चिमी क्षेत्र में जल संरक्षण और प्रबंधन के लिए नई रणनीतियाँ।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, विशेषकर सड़क और रेल नेटवर्क का विस्तार।
- पश्चिमी क्षेत्र के कृषि सुधार और किसान कल्याण योजनाएँ।
- स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के लिए कदम।
- क्षेत्रीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए निवेश प्रोत्साहन।
- संयुक्त पर्यटन विकास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन।
बैठक की प्रमुख उपलब्धियाँ
| विषय | निर्णय / घोषणा | लाभार्थी क्षेत्र / राज्य |
|---|---|---|
| जल संरक्षण | नए जलाशयों और सिंचाई परियोजनाओं की शुरुआत | महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान |
| इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास | पश्चिमी क्षेत्र में हाईवे और रेलवे मार्गों का विस्तार | सभी पश्चिमी क्षेत्रीय राज्य |
| कृषि सुधार | किसानों के लिए सब्सिडी और नई तकनीकों का प्रशिक्षण | राजस्थान, गुजरात |
| स्वच्छ ऊर्जा | सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देना | महाराष्ट्र, गोवा |
| पर्यटन विकास | संयुक्त पर्यटन अभियान और सांस्कृतिक मेलों का आयोजन | सभी पश्चिमी क्षेत्रीय राज्य |
बैठक का महत्व
पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की यह बैठक क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। विभिन्न राज्यों के बीच सहयोग से संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और विकास की गति तेज होगी। साथ ही, आर्थिक और सामाजिक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में भी यह परिषद मददगार होगी। सरकार का यह प्रयास क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने और समग्र विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
आगे की योजना
बैठक में लिए गए निर्णयों को जल्द ही लागू करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। आगामी महीनों में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए पुनः बैठकें आयोजित की जाएंगी। साथ ही, जनता और स्थानीय प्रशासन के बीच संवाद बढ़ाने के लिए विशेष पहल की जाएगी ताकि योजनाओं का सही लाभ सीधे लोगों तक पहुँच सके।
दिनांक: 13 सितंबर 2026
