प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष-प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप्स के संस्थापकों और CEOs से मुलाकात की

दिनांक: 19 अगस्त 2026

स्थान: नई दिल्ली, भारत

भारत सरकार के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 19 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में भारतीय अंतरिक्ष-प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप्स के संस्थापकों और CEOs के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह मुलाकात भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित की गई थी।

बैठक का उद्देश्य

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य था:

  • भारतीय अंतरिक्ष-प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप्स को सरकार की नई नीतियों और योजनाओं से अवगत कराना।
  • स्टार्ट-अप्स के सामने आने वाली चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करना।
  • सरकार और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग को मजबूत करना।
  • भारत को वैश्विक अंतरिक्ष उद्योग में अग्रणी बनाने के लिए रणनीतियाँ बनाना।

प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य विचार

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और इसमें स्टार्ट-अप्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि "Innovation and technology startups are the backbone of India's space ambitions."

उन्होंने स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार उनकी सहायता के लिए हर संभव प्रयास करेगी, ताकि वे नए विचारों को धरातल पर लाकर देश की प्रगति में योगदान दे सकें।

बैठक में भाग लेने वाले प्रमुख स्टार्ट-अप्स

बैठक में कई प्रमुख अंतरिक्ष-प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप्स के संस्थापक और CEOs शामिल हुए। इनमें से कुछ प्रमुख स्टार्ट-अप्स का विवरण नीचे दिया गया है:

स्टार्ट-अप का नाम मुख्यालय मुख्य उत्पाद / सेवा संस्थापक / CEO
AstroTech Innovations बेंगलुरु सैटेलाइट निर्माण और लॉन्च राहुल वर्मा
SpaceVision Labs हैदराबाद स्पेस डेटा एनालिटिक्स नेहा शर्मा
Orbital Solutions पुणे रॉकेट टेक्नोलॉजी अजय सिंह
SkyNetics चेन्नई सैटेलाइट कम्युनिकेशन स्नेहा गुप्ता

सरकार की नई पहलें

बैठक में सरकार ने निम्नलिखित नई पहलों की घोषणा की:

  • Space Start-up Fund: 500 करोड़ रुपये का विशेष फंड जो स्टार्ट-अप्स को वित्तीय सहायता देगा।
  • Incubation Centres: देश के प्रमुख शहरों में अंतरिक्ष-प्रौद्योगिकी के लिए 10 नए इन्क्यूबेशन सेंटर खोलना।
  • Skill Development Programs: युवाओं को अंतरिक्ष तकनीक में प्रशिक्षित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम।
  • Collaborations: ISRO और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ साझेदारी बढ़ाना।

महत्व

यह बैठक भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता भी मजबूत होगी।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस पहल से भारतीय अंतरिक्ष उद्योग में नवाचार को नई दिशा मिलेगी और भारत को वैश्विक अंतरिक्ष मानचित्र पर और ऊंचा स्थान प्राप्त होगा। स्टार्ट-अप्स और सरकार के बीच यह सहयोग आने वाले वर्षों में देश के लिए कई सफलताएँ लेकर आएगा।