दिनांक: 15 सितंबर 2026
भारत सरकार ने 15 सितंबर 2026 को उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन की घोषणा की है। ये संशोधन 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होंगे। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर मूल्य पारदर्शिता और शिकायत निवारण की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है ताकि उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षा और सुविधा मिल सके।
संशोधित नियमों का विस्तृत विवरण
ई-कॉमर्स के बढ़ते उपयोग के साथ उपभोक्ताओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता बन गया है। संशोधित नियम निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित हैं:
| संशोधन का पहलू | विवरण |
|---|---|
| मूल्य पारदर्शिता (Price Transparency) |
- सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को उत्पादों के अंतिम मूल्य में छिपे हुए कर, शुल्क और डिलीवरी चार्ज स्पष्ट रूप से दिखाने होंगे। - किसी भी छूट या ऑफर को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। - "मूल्य तुलना" फीचर में केवल प्रमाणित और सत्यापित कीमतें ही दिखानी होंगी। |
| शिकायत निवारण (Grievance Redressal) |
- ई-कॉमर्स कंपनियों को एक समर्पित ग्राहक सेवा विभाग स्थापित करना होगा। - शिकायतों का निवारण 7 कार्यदिवसों के भीतर करना अनिवार्य होगा। - ग्राहक सेवा से जुड़ी सभी जानकारी वेबसाइट और ऐप पर स्पष्ट रूप से उपलब्ध करानी होगी। - उपभोक्ता फोरम से शिकायतों की स्थिति का ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। |
| प्लेटफॉर्म की जवाबदेही (Platform Accountability) |
- तीसरे पक्ष के विक्रेताओं द्वारा बेचे गए उत्पादों के लिए प्लेटफॉर्म को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। - नकली या घटिया उत्पादों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई होगी। - डेटा सुरक्षा और उपभोक्ता गोपनीयता को सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियम लागू होंगे। |
| सूचना का पारदर्शी प्रबंधन (Transparent Information Management) |
- उत्पादों की रेटिंग और रिव्यू को फर्जी या भ्रामक सामग्री से मुक्त रखना होगा। - प्लेटफॉर्म को नियमित रूप से उपभोक्ता शिकायतों और उनके समाधान की रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत करनी होगी। |
संशोधन लागू होने की तारीख
ये नए नियम 1 जनवरी 2027 से सभी ई-कॉमर्स कंपनियों और प्लेटफॉर्म्स पर लागू होंगे। सरकार ने कंपनियों को इन नियमों के पालन के लिए पर्याप्त समय दिया है ताकि वे अपनी प्रक्रियाओं और तकनीकी सिस्टम को अपडेट कर सकें।
संक्षेप में
- ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर मूल्य और शुल्क की पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
- शिकायत निवारण प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाया जाएगा।
- प्लेटफॉर्म की जवाबदेही बढ़ेगी, जिससे उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा होगी।
- उपभोक्ता डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता को प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार का उद्देश्य
भारत सरकार का उद्देश्य है कि डिजिटल खरीदारी के इस युग में उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव मिले और वे धोखाधड़ी, छिपे हुए शुल्क या खराब सेवा से बच सकें। साथ ही, यह कदम ई-कॉमर्स सेक्टर में विश्वास बढ़ाने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने में मदद करेगा।
इस संशोधन से उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा मजबूत होगी और भारत के ई-कॉमर्स उद्योग का विकास भी संतुलित और पारदर्शी तरीके से होगा।
