जैसे कि हमलोग जानते है कि SSC CHT – 2025 की परीक्षा
के प्रथम पत्र के हिंदी खण्ड में अप्रत्याशित रुप से प्रश्न प्रारुप में बदलाव
देखा गया। इस खण्ड में कई नए तरह के प्रश्नों को समाहित किया गया जैसे –
पूर्वाग्रह-मुक्त अभिव्यक्तियों पर आधारित प्रश्न, व्यंग्यात्मक अभिव्यक्तियों पर
आधारित प्रश्न, तकनीकी शब्दावली पर प्रश्न, हिंदी-अंग्रेजी अनुवाद, विराम चिह्नों
पर आधारित प्रश्न, वाक्य की पहचान पर आधारित प्रश्न, स्वभाविक या अस्वभाविक कथनों
पर आधारित प्रश्न इत्यादि। इस बार भी प्रश्न का प्रारुप ऐसे ही रहने की संभावना
है। ऐसे ही प्रश्न प्रारुप वाले हमारे मॉक-टेस्ट से जुड़ें और इस खण्ड में सहज हो
लें। कक्षायें शीघ्र प्रारंभ होने वाली है।
बहरहाल, चलते है SSC CHT-2025 के हिंदी खण्ड
में पूछे गए व्यंग्यात्मक कथन पर आधारित प्रश्नों पर बात करते हैं।
व्यंग्यार्थ कथन
अलंकारिक अभिव्यक्ति का वह रूप है जिसमें कहा कुछ और जाता है, लेकिन
उसका वास्तविक आशय (अर्थ) कुछ और होता है—अक्सर इसमें व्यंग्य, कटाक्ष
या आलोचना छिपी होती है।
SSC CHT-2025 में एक प्रश्न था -
“अब तो इम्तिहान में भी किस्मत पास हो जाती है, मेहनत नहीं।”
दरअसल, यह एक
व्यंग्यात्मक कथन है। इसका
·
शाब्दिक अर्थ: किस्मत पास हो रही है, मेहनत नहीं
·
वास्तविक अर्थ (व्यंग्यार्थ):
आजकल
परीक्षाओं में मेहनत का मूल्य कम हो गया है, और अनुचित तरीकों या
भाग्य पर निर्भरता बढ़ गई है।
इस प्रश्न के लिए परीक्षा में जो सही विकल्प थें, वे थें
- अब मेहनत से ज्यादा जुगाड़ काम आता है।
- आजकल सफलता में संयोग की भूमिका बढ़ गई है।
- परिश्रम का महत्व घटता जा रहा है।
अब, कुछ अन्य व्यंग्यात्मक कथनों पर विचार करते है –
वाह! बहुत समय पर आए
हो।
इसका व्यंग्यार्थ होगा - तुम बहुत देर से आए हो।
तुम तो बड़े ईमानदार
निकले!
इसका व्यंग्यार्थ है - तुमने बेईमानी की है।
आज तो तुमने बहुत
अच्छा काम किया है!
इसका व्यंग्यार्थ है - काम बहुत खराब किया है।
क्या बात है, बड़ी मेहनत की है
पढ़ाई में!
इसका व्यंग्यार्थ है - बिल्कुल पढ़ाई नहीं की है।
अब तो सरकारी
दफ्तरों में काम बिजली की गति से होता है!
इसका व्यंग्यार्थ है - काम बहुत धीमी गति से होता है।
तुम्हारी तो
याददाश्त गज़ब की है!
इसका व्यंग्यार्थ है - तुम सब कुछ भूल जाते हो।
क्या शानदार
व्यवस्था है!
इसका व्यंग्यार्थ है - व्यवस्था बहुत खराब है।
तुम तो बहुत समझदार
हो!
इसका व्यंग्यार्थ है - तुमने मूर्खता की है।
वाह! कितना
साफ-सुथरा कमरा है!
इसका व्यंग्यार्थ है - कमरा बहुत गंदा है।
तुम तो बड़े समय के
पाबंद हो!
इसका व्यंग्यार्थ है - तुम हमेशा देर से आते हो।
ऐसे ही प्रश्नों को हल करने के लिए हमारे SSC JHT मॉक्स अवश्य लें। लिंक पर जाएं - SSC JHT Test-series। हमारी पुस्तक Mastering Hindi-English Translation पुस्तक आज ही क्रय करें और उससे अनुवाद में दक्षता शीघ्र प्राप्त करें।
