रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 20,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की बायबैक योजना की घोषणा की
दिनांक: 28 जुलाई 2026
परिचय
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 28 जुलाई 2026 को 20,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities - G-Secs) की बायबैक योजना की घोषणा की है। यह कदम आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और वित्तीय बाजारों में तरलता नियंत्रण करने के लिए उठाया गया है।
बायबैक योजना क्या है?
सरकारी प्रतिभूतियों का बायबैक एक प्रक्रिया है जिसमें सरकार या RBI बाजार से अपने जारी किए गए बॉन्ड या प्रतिभूतियों को वापस खरीदते हैं। इसका उद्देश्य बाजार में उपलब्ध प्रतिभूतियों की संख्या कम करना और ब्याज दरों को स्थिर करना होता है।
बायबैक योजना के मुख्य तथ्य
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| घोषणा तिथि | 28 जुलाई 2026 |
| बायबैक राशि | 20,000 करोड़ रुपये |
| प्रतिभूतियों का प्रकार | सरकारी बॉन्ड / G-Secs |
| उद्देश्य | तरलता प्रबंधन और वित्तीय बाजारों में स्थिरता |
| बायबैक की अवधि | अगले 2 सप्ताह (28 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक) |
| प्रभाव | ब्याज दरों पर नियंत्रण, बाजार में प्रतिभूतियों की संख्या में कमी |
बायबैक योजना के पीछे कारण
- तरलता नियंत्रण: बाजार में अधिक तरलता होने से मुद्रास्फीति बढ़ सकती है। बायबैक के जरिए RBI तरलता को नियंत्रित करता है।
- ब्याज दरों को स्थिर करना: सरकारी प्रतिभूतियों की संख्या कम होने से ब्याज दरों में स्थिरता आती है।
- सरकारी कर्ज प्रबंधन: बायबैक से सरकार अपने कर्ज के ढांचे को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकती है।
- आर्थिक स्थिरता: वित्तीय बाजारों में विश्वास बनाए रखना और आर्थिक विकास को सहारा देना।
बायबैक प्रक्रिया की रूपरेखा
RBI इस बायबैक योजना के तहत विभिन्न अवधि और कूपन रेट वाली सरकारी प्रतिभूतियों को बाजार से वापस खरीदेगा। यह प्रक्रिया ऑक्शन के माध्यम से होगी, जिसमें प्रतिभूतियों के धारक अपने बॉन्ड RBI को बेच सकेंगे।
सरकार और RBI की भूमिका
सरकार ने RBI को इस योजना के लिए अधिकृत किया है ताकि वह बाजार से प्रतिभूतियाँ वापस खरीद सके। RBI इस प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए उचित नियम और शर्तें निर्धारित करेगा।
निष्कर्ष
28 जुलाई 2026 को घोषित यह 20,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की बायबैक योजना भारत की मौद्रिक नीति और आर्थिक प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे वित्तीय बाजारों में स्थिरता आएगी और आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। उम्मीदवारों के लिए यह योजना वर्तमान आर्थिक स्थिति और RBI की नीतियों को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
