भारत ने 2026 में SHANTI एक्ट पारित कर परमाणु क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा दिया

नई दिल्ली, 15 अप्रैल 2026: भारत सरकार ने 14 अप्रैल 2026 को संसद में SHANTI एक्ट (Strategic Hydrogen and Nuclear Technology Investment Act) को पारित किया है। यह कानून देश के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

SHANTI एक्ट क्या है?

SHANTI एक्ट का पूरा नाम Strategic Hydrogen and Nuclear Technology Investment Act है। इस एक्ट के तहत परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों को निवेश करने, अनुसंधान करने और नई तकनीकों को अपनाने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे। यह पहल भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और स्वच्छ ऊर्जा के विकल्पों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाई गई है।

मुख्य उद्देश्य और लाभ

  • निजी निवेश को आकर्षित करना: परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाकर निवेश के नए स्रोत जुटाना।
  • तकनीकी उन्नति: नए शोध और विकास को प्रोत्साहित करना, जिससे परमाणु ऊर्जा की दक्षता और सुरक्षा बढ़े।
  • ऊर्जा सुरक्षा: देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वच्छ और स्थायी ऊर्जा स्रोतों का विकास।
  • रोजगार सृजन: निजी क्षेत्र के विस्तार से नए रोजगार के अवसर बनना।
  • विदेशी निवेश आकर्षित करना: भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक बनाना।

SHANTI एक्ट के प्रमुख प्रावधान

प्रावधान विवरण
निजी कंपनियों की भागीदारी परमाणु ऊर्जा उत्पादन, अनुसंधान और विकास में निजी कंपनियों को 49% तक भागीदारी की अनुमति।
सरकारी प्रोत्साहन कर में छूट, सब्सिडी और आसान लाइसेंसिंग प्रक्रिया।
सुरक्षा मानक परमाणु सुरक्षा और पर्यावरण सुरक्षा के लिए कड़े नियमों का पालन अनिवार्य।
अनुसंधान और विकास नए तकनीकों जैसे हाइड्रोजन ऊर्जा और उन्नत रिएक्टर डिजाइन में निवेश बढ़ाना।
विदेशी साझेदारी वैश्विक परमाणु ऊर्जा कंपनियों के साथ सहयोग और तकनीकी आदान-प्रदान को प्रोत्साहन।

परिप्रेक्ष्य और महत्व

भारत ने पिछले कुछ दशकों में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में काफी प्रगति की है, लेकिन यह क्षेत्र अभी भी मुख्य रूप से सरकारी नियंत्रण में है। SHANTI एक्ट के लागू होने से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे निवेश और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम भारत को 2050 तक कार्बन न्यूट्रल बनने के लक्ष्य की दिशा में भी मदद करेगा।

सरकार की प्रतिक्रिया

परमाणु ऊर्जा विभाग के मंत्री ने बताया कि SHANTI एक्ट से भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और यह देश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएगा। उन्होंने कहा, "यह एक्ट भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आएगा।"

भविष्य की संभावनाएं

SHANTI एक्ट के तहत आने वाले वर्षों में निम्नलिखित संभावनाएं देखी जा रही हैं:

  • नए परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना में तेजी।
  • हाइड्रोजन आधारित ऊर्जा परियोजनाओं का विकास।
  • स्वदेशी तकनीकों का विकास और निर्यात।
  • परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर।

निष्कर्ष

SHANTI एक्ट भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने वाला एक ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा बल्कि देश को स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाएगा। आने वाले वर्षों में इस एक्ट के प्रभाव को देखना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह भारत की ऊर्जा नीति के लिए एक नया अध्याय खोल सकता है।

तारीख: 15 अप्रैल 2026