भारत सरकार ने 16 अगस्त 2026 को नई कर विधेयक पेश किया, जो इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं और वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक है

दिनांक: 16 अगस्त 2026

भारत सरकार ने 16 अगस्त 2026 को संसद में एक नया कर विधेयक पेश किया है, जिसका मकसद देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को बढ़ावा देना और विदेशी निवेश को आकर्षित करना है। यह कदम भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

विधेयक का उद्देश्य और महत्व

यह नया कर विधेयक विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं और वैश्विक निवेशकों के लिए डिज़ाइन किया गया है ताकि वे भारत में अपने उत्पादन और निवेश को बढ़ावा दें। सरकार का लक्ष्य है कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करे और साथ ही विदेशी कंपनियों को आकर्षित कर रोजगार सृजन हो।

मुख्य उद्देश्य:

  • इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में निवेश को बढ़ावा देना।
  • वैश्विक निवेशकों के लिए टैक्स में छूट और प्रोत्साहन।
  • स्थानीय उद्योगों को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए टैक्स रियायतें।
  • टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और नवाचार को बढ़ावा देना।

विधेयक के प्रमुख प्रावधान

इस कर विधेयक में कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं जो इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को लाभ पहुंचाएंगे। निम्नलिखित टेबल में मुख्य प्रावधानों का सारांश दिया गया है:

प्रावधान विवरण लाभार्थी
कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं के लिए कॉर्पोरेट टैक्स दर 15% तक घटाई गई है। स्थानीय और विदेशी कंपनियां
इन्वेस्टमेंट सब्सिडी नई फैक्ट्रियों और उत्पादन इकाइयों में निवेश पर 25% तक सब्सिडी। नए निवेशक और निर्माता
रॉयल्टी और टेक्नोलॉजी फीस पर छूट विदेशी तकनीक लाने पर रॉयल्टी और लाइसेंस फीस में 50% छूट। वैश्विक टेक्नोलॉजी पार्टनर
कस्टम ड्यूटी में रियायत इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के लिए आवश्यक कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी में 10% की छूट। निर्माता और एक्सपोर्टर
रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) प्रोत्साहन R&D खर्च पर 150% तक टैक्स क्रेडिट। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां

वैश्विक निवेशकों के लिए अवसर

यह नया कर विधेयक वैश्विक निवेशकों के लिए भी बहुत आकर्षक है क्योंकि इसमें टैक्स में भारी छूट के साथ-साथ निवेश की सुरक्षा और आसान नियम शामिल हैं। भारत सरकार ने निवेशकों को डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे कार्यक्रमों के तहत विशेष प्रोत्साहन देने की भी घोषणा की है।

निवेशकों के लिए प्रमुख फायदे:

  • कम टैक्स दरें और टैक्स क्रेडिट।
  • सरकार से निवेश की सुरक्षा।
  • सरल और पारदर्शी निवेश प्रक्रिया।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में तेजी से बढ़ती बाजार संभावनाएं।

सरकार का बयान

वित्त मंत्री ने कहा है, "यह कर विधेयक भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में एक नया मुकाम देगा। हम चाहते हैं कि भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स हब बने और इसके लिए हम निवेशकों को हर संभव सहायता देंगे।"

निष्कर्ष

16 अगस्त 2026 को पेश किया गया यह नया कर विधेयक भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है। इससे न केवल घरेलू उद्योग को मजबूती मिलेगी बल्कि वैश्विक निवेशकों का भी भारत में विश्वास बढ़ेगा। आने वाले वर्षों में यह कदम भारत को तकनीकी और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में सहायक होगा।