पूर्वाग्रह-मुक्त अभिव्यक्तियाँ – SSC JHT
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SSC CHT – 2025 के प्रथम
प्रश्नपत्र के हिंदी खण्ड में पूर्वाग्रह से मुक्त अभिव्यक्तियों पर प्रश्न के रुप
में पहली बार पूछे गए थे, जिसके कारण परीक्षा भवन में कई अभ्यर्थी विचलित हुए थे।
उनके आत्मविश्वास में कमी आई और इस तरह से कम अंक अर्जन कर पाए। समग्र कट-ऑफ भी कम
ही रहा।
चलें समझते हैं कि पूर्वाग्रह-मुक्त अभिव्यक्ति होता क्या है।
पूर्वाग्रह
से मुक्त अभिव्यक्तियाँ ऐसी अभिव्यक्तियाँ होती है जो किसी व्यक्ति, वर्ग, जाति, लिंग, धर्म या विचारधारा
के प्रति पक्षपात (bias) या नकारात्मक धारणा प्रकट नहीं करते, बल्कि तटस्थ (neutral),
निष्पक्ष (impartial) और सम्मानजनक (respectful)
होते हैं।
यह कतई नहीं भूलना चाहिए कि हिंदी
के पूर्वाग्रह से मुक्त अभिव्यक्तियाँ और अंग्रेजी के Euphemistic
Expressions एक ही नहीं होते हैं।
एक ओर
जहाँ हिंदी के पूर्वाग्रह से मुक्त अभिव्यक्तियाँ तटस्थ, निष्पक्ष और सम्मानजनक
होती है वहीं Euphemistic Expressions केवल कठोर या चुभने वाली
बातों को सम्मावजनक तरीके से व्यक्त करना होता है।
चले
उदाहरण से इसे समझते हैं –
सबसे पहले
पूर्वाग्रह से मुक्त अभिव्यक्तियों पर विचार करते हैं –
बूढ़ा
आदमी के लिए वरिष्ठ व्यक्ति का प्रयोग किया जाए तो वरिष्ठ व्यक्ति
पूर्वाग्रह-मुक्त अभिव्यक्ति है।
अपाहिज के
लिए दिव्यांग व्यक्ति का प्रयोग पूर्वाग्रह से मुक्त अभिव्यक्ति है।
इसी तरह
गरीब के
लिए – आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग
चपरासी के
लिए – कार्यालय सहायक
महात्मा
गाँधी द्वारा नीची जाति को हरिजन कहकर संबोधित करना पूर्वाग्रह से मुक्त संबोधन
था।
चलें अब SSC CHT-2025 के हिंदी खंड में इसपर आधारित कुछ प्रश्न पर
विचार करते हैं –
प्रश्न था
–
पुस्तक
गूँगे बहरे के लिए नहीं थी – इस अभिव्यक्ति को पूर्वाग्रह से मुक्त करना था। इस
असम्मानजक अभिव्यक्ति का पूर्वाग्रह से मुक्त अभिव्यक्ति होगा – पुस्तक सभी के लिए
सुलभ नहीं थी।
अब पूछे
गए दूसरे तरह के प्रश्न पर विचार करते है –
प्रश्न है
–
उनकी भाषा
बहुत पिछड़ी हुई है –
इस भाव का
पूर्वाग्रह से मुक्त अभिव्यक्ति होगी – उनकी भाषा की संरचना अलग है, समझने की
आवश्यकता है।
यह हुई
पूर्वाग्रह-मुक्त अभिव्यक्तियों से संबंधित जानकारी।
चलें अब
समझते है कि Euphemistic Expressions को उदाहरण से कैसे समझेंगे –
उदाहरण
देखें –
- वह बूढ़ा
मर गया – के लिए Euphemistic Expressions होगा –
उस वरिष्ठ नागरिक का स्वर्गवास हो गया।
- उसे नौकरी
से निकाल दिया गया – के लिए Euphemistic Expressions होगा –
उसे सेवा से मुक्त कर दिया गया।
इस तरह हम देखते है कि पूर्वाग्रह से मुक्त अभिव्यक्तियों का दायरा Euphemistic Expressions से बड़ा है। ये अधिक सभ्य, समावेशी और औपचारिक
होते है। इस तरह की अभिव्यक्तियाँ केवल भाषा का नहीं, बल्कि विचारों
की परिपक्वता का भी संकेत है।
