भारत सरकार की उच्च स्तरीय तकनीकी विशेषज्ञ समिति
भारत सरकार ने श्रम क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। इस समिति के अध्यक्ष के तौर पर प्रोफेसर अलख एन. शर्मा को चुना गया है। समिति का मुख्य कार्य श्रम बाजार के संकेतकों को और मजबूत बनाना तथा समय-समय पर उनकी समीक्षा करना है। इसका उद्देश्य श्रम सांख्यिकी के डेटा की गुणवत्ता, व्यापकता और विश्वसनीयता में सुधार लाना है ताकि नीति निर्धारण के लिए सटीक जानकारी उपलब्ध हो सके। समिति वैश्विक मानकों के अनुसार अधिक सूक्ष्म, समयानुकूल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तुलनीय श्रम संबंधी आंकड़े विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसके अलावा, यह मौजूदा श्रम संकेतकों की समीक्षा कर रोजगार से जुड़ा डेटा संग्रह, विश्लेषण और प्रसार की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के सुझाव देगी।
"परीक्षा कर्मयोगी" प्रशिक्षण योजना
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने "परीक्षा कर्मयोगी" नामक क्षमता विकास कार्यक्रम शुरू किया है, जिसे iGOT कर्मयोगी भारत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है। यह प्रशिक्षण मुख्यतः ऑफलाइन, पेन-एंड-पेपर आधारित परीक्षाओं के संचालन की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। यह पहल NTA के परीक्षाओं के पर्यवेक्षण और निगरानी की प्रक्रियाओं को मजबूत बनाकर परीक्षाओं के सुचारु, सुरक्षित, पारदर्शी और मानकीकृत संचालन को सुनिश्चित करेगी। प्रशिक्षण मुख्य रूप से परीक्षा अधिकारियों जैसे केंद्र अधीक्षक और पर्यवेक्षक के लिए है, जो NEET (UG) सहित NTA द्वारा आयोजित परीक्षाओं की देखरेख करते हैं। इस कार्यक्रम को चार मॉड्यूल में बांटा गया है:
- मॉड्यूल 1: कार्यक्रम का परिचय और परीक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारियां जैसे निष्पक्षता, पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही।
- मॉड्यूल 2: परीक्षा पूर्व की तैयारी, जिसमें परीक्षा केंद्र की तैयारियां, सुरक्षा प्रबंध, लॉजिस्टिक्स और SOPs का पालन शामिल है।
- मॉड्यूल 3: परीक्षा दिन की गतिविधियां, जिसमें परीक्षा से पहले, दौरान और बाद की प्रक्रियाओं का विस्तार से मार्गदर्शन।
- मॉड्यूल 4: क्विक रेफरेंस गाइड, जो प्रमुख निर्देशों, प्रोटोकॉल और जिम्मेदारियों का संक्षिप्त सारांश प्रदान करता है।
ओडिशा में तीन दिवसीय "राजा" उत्सव
ओडिशा में 14 जून 2026 से तीन दिन तक चलने वाला "राजा" त्योहार मनाया गया, जो महिला शक्ति, मातृभूमि की उर्वरता और पुनरुत्पादक चक्र का प्रतीक है। यह पर्व पाहिली राजा के साथ मानसून के आगमन और ओडिया महीने आशाढ़ की शुरुआत को दर्शाता है। राजा त्योहार स्त्रीत्व और मातृभूमि के प्रति सम्मान प्रकट करता है तथा प्रकृति के जीवनदायिनी चक्र को दर्शाता है। इसका नाम "राजस्वला" से लिया गया है, जो यह विश्वास दर्शाता है कि मातृभूमि भी महिलाओं की तरह विश्राम और पुनरुज्जीवन के दौर से गुजरती है। इस दौरान खेती के काम पूरी तरह से बंद रहते हैं। महिलाएं और लड़कियां नए वस्त्र पहनती हैं, पैरों पर अलता लगाती हैं, हाथों में मेहंदी लगाती हैं और घरेलू कार्यों से मुक्त होकर उत्सव मनाती हैं। गांवों में पेड़ों से झूले लगाए जाते हैं, जहां लड़कियां पारंपरिक राजा गीत गाती हैं, जबकि लड़के बगुड़ी, लूडो और ताश जैसे पारंपरिक खेल खेलते हैं। परिवार परंपरागत ओडिया व्यंजन जैसे पोड़ा पीठा, अरिसा पीठा, चाकुली पीठा और राजा पान बनाकर अपने रिश्तेदारों, पड़ोसियों और मित्रों के साथ बांटते हैं। यह पर्व ओडिशा की समृद्ध कृषि विरासत, स्त्रीत्व और प्रकृति के प्रति गहरा सम्मान दर्शाता है।
विश्व रक्तदाता दिवस 2026
हर साल 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है, जो नि:शुल्क और स्वैच्छिक रक्त दाताओं को सम्मानित करने का दिन है। इस दिन का उद्देश्य सुरक्षित रक्त एवं रक्त उत्पादों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अधिक लोगों को नियमित रक्तदाता बनने के लिए प्रेरित करना होता है। 2026 के लिए इस दिवस का आधिकारिक विषय है: "One Drop of Humanity. Give Blood. Save Lives." स्वयंसेवी रक्तदान चिकित्सा आपात स्थितियों, प्रसव, सर्जरी, कैंसर उपचार और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में अति महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह दिवस पहली बार 2004 में मनाया गया था और 2005 में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इसे आधिकारिक मान्यता मिली। यह दिन ऑस्ट्रियाई वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टीनर की जयंती पर भी मनाया जाता है, जिन्होंने 1901 में ABO रक्त समूह प्रणाली का आविष्कार किया था। कार्ल लैंडस्टीनर और अलेक्जेंडर एस. वीनर ने 1937 में रेसस (Rh) फैक्टर की खोज की, जिससे रक्त संक्रमण को और सुरक्षित बनाया गया। लैंडस्टीनर को उनके रक्त समूह वर्गीकरण के लिए फिजियोलॉजी या मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार भी मिला था।
डाक विभाग की पहली ड्रोन आधारित डाक सेवा
12 जून 2026 को डाक विभाग ने हिमाचल प्रदेश में देश की पहली ड्रोन आधारित डाक और पार्सल सेवा शुरू की। यह सेवा मंडी मुख्य डाकघर और रिहरधर शाखा डाकघर के बीच शुरू की गई है। इस पहल का नेतृत्व केंद्रीय संचार मंत्री और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने किया। इस सेवा की शुरूआत ग्रामीण डाक सेवकों और सहायकों की मांग पर हुई, जिन्होंने दुर्गम और कठिन इलाकों में तेज़ और भरोसेमंद डाक सेवाओं की आवश्यकता जताई थी। इस परियोजना का उद्देश्य ड्रोन तकनीक का उपयोग करके डाक सेवाओं की गति, विश्वसनीयता और पहुँच को बेहतर बनाना है। डाक विभाग अगले 2-3 महीनों में हिमाचल प्रदेश और असम में लगभग 150 चिन्हित मार्गों पर इस ड्रोन आधारित डाक सेवा का विस्तार करने की योजना बना रहा है।
DRDO के तीन सफल फ्लाइट परीक्षण
जून 2026 में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने लगातार तीन सफल फ्लाइट-टेस्ट किये हैं, जिससे भारत उन देशों की विशिष्ट सूची में शामिल हो गया है जो लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर सकते हैं। हालांकि, इस बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा (BMD) प्रणाली की सीमा क्या है, इस बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
