SBI PO 2026 Cut Off Analysis
SBI PO 2026 के लिए तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए कट ऑफ अंक बहुत अहम होते हैं। इस बार SBI PO 2026 में पिछले साल की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक पदों की घोषणा हुई है, जिससे चयन की संभावनाएं बेहतर हो गई हैं। पदों की संख्या में वृद्धि के कारण कट ऑफ अंक में सुधार की उम्मीद होती है, लेकिन अंतिम कट ऑफ पर उम्मीदवारों की संख्या और परीक्षा की कठिनाई स्तर भी प्रभाव डालते हैं।
चूंकि यह परीक्षा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होती है और कोई राज्यवार कट ऑफ नहीं होता, इसलिए उम्मीदवारों को चाहिए कि वे अपेक्षित कट ऑफ से ऊपर सुरक्षित अंक हासिल करने पर फोकस करें।
SBI PO 2025 Cut Off का महत्व
SBI PO 2026 की तैयारी के लिए पिछले साल के कट ऑफ का विश्लेषण करना आवश्यक है। SBI PO 2025 के कट ऑफ से अभ्यर्थी परीक्षा के स्तर और प्रतियोगिता को समझकर अपने लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं।
प्रारंभिक परीक्षा कट ऑफ 2025 (Prelims Cut Off)
| श्रेणी | कट ऑफ अंक (100 में से) |
|---|---|
| जनरल | 66.75 |
| EWS | 64.50 |
| ओबीसी | 65.50 |
| एससी | 59.25 |
| एसटी | 51.50 |
| दृष्टिहीन (VI) | 52.50 |
| श्रवण बाधित (HI) | 36.25 |
| शारीरिक रूप से विकलांग (LD) | 54.50 |
| अंध एवं बहरे (D&E) | 35.50 |
मुख्य परीक्षा कट ऑफ 2025 (Mains Cut Off)
| श्रेणी | कट ऑफ अंक |
|---|---|
| जनरल कैटेगरी | 75 |
| श्रवण बाधित | 62.5 |
| ओबीसी | 70 |
| दृष्टिहीन | 62.63 |
| आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) | 75 |
| एसटी | 62.51 |
| अंध एवं बहरे / पूर्व सैनिक* | 63.75 |
| एससी | 62.75 |
| शारीरिक विकलांगता | 63.51 |
अंतिम कट ऑफ 2025 (Final Cut Off)
अंतिम कट ऑफ अंक मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर तय होते हैं। ये न्यूनतम अंक होते हैं जिनके बाद उम्मीदवार PO पद के लिए चयनित होते हैं।
| श्रेणी | कट ऑफ अंक (100 में से) |
|---|---|
| एसटी | 31.59 |
| यूआर | 46.79 |
| श्रवण बाधित | 36.69 |
| ओबीसी | 41.84 |
| अंध और बहरे | 34.35 |
| आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग | 41.16 |
| दृष्टिहीन | 44.95 |
| एससी | 37.84 |
| शारीरिक रूप से विकलांग | 41.55 |
पिछले 5 वर्षों के कट ऑफ में बदलाव
पिछले पांच वर्षों में SBI PO के प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों के कट ऑफ में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। प्रारंभिक परीक्षा को स्क्रीनिंग टेस्ट माना जाता है इसलिए इसका कट ऑफ मुख्य परीक्षा की तुलना में कम रहता है। मुख्य परीक्षा में प्रतिस्पर्धा अधिक होती है, इसलिए कट ऑफ अंक अधिक होते हैं।
प्रारंभिक परीक्षा कट ऑफ का ट्रेंड (2021 से 2025)
| श्रेणी | 2021 | 2022 | 2023 | 2024 | 2025 |
|---|---|---|---|---|---|
| जनरल | 63.5 | 59.5 | 59.2 | 61.7 | 66.75 |
| ओबीसी | 61.25 | 58.25 | 59.2 | 60.25 | 65.50 |
| EWS | 59.25 | 59.5 | 59.2 | 60.5 | 64.50 |
| एससी | 54.75 | 52.5 | 53.5 | 59.25 | |
| एसटी | 49.25 | 47.75 | 47.5 | 49 | 51.50 |
| PWD (LD) | 51.5 | 46.25 | 47.5 | 49.75 | 54.50 |
| PWD (VI) | 55.25 | 50.5 | 48.25 | 47.5 | 52.50 |
| PWD (HI) | 22.75 | 21.5 | 22.75 | 19.75 | 36.25 |
| D&E | 4.5 | 4.5 | 9.5 | 35.50 |
महत्वपूर्ण बातें
- साल: 2026
- पदों की संख्या: पिछले साल की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक
- परीक्षा स्तर: राष्ट्रीय
- कट ऑफ निर्धारण के चरण: प्रारंभिक, मुख्य, और अंतिम चयन (मुख्य + इंटरव्यू)
- राज्यवार कट ऑफ नहीं होता
परीक्षा संरचना और चयन प्रक्रिया
हालांकि इस लेख में सिलेबस और परीक्षा पैटर्न की विस्तार से जानकारी नहीं दी गई है, परन्तु SBI PO परीक्षा में आम तौर पर तीन चरण होते हैं: प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू। कट ऑफ का अध्ययन करके अभ्यर्थी अपनी तैयारी का स्तर बेहतर समझ सकते हैं।
चयन प्रक्रिया में तीन चरण होते हैं - प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, और इंटरव्यू। अंतिम चयन मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के संयुक्त अंकों के आधार पर किया जाता है।
नई प्रश्नावली (नए प्रश्न एवं विकल्प)
प्रश्न: SBI PO 2026 में पदों की संख्या पिछले साल की तुलना में कैसे प्रभावित होगी?
- कम हो जाएगी
- लगभग तीन गुना बढ़ जाएगी
- कोई बदलाव नहीं होगा
- दोगुनी हो जाएगी
प्रश्न: SBI PO परीक्षा में कट ऑफ अंक निर्धारित करते समय किन बातों का ध्यान रखा जाता है?
- परीक्षा की कठिनाई और उम्मीदवारों की संख्या
- केवल पदों की संख्या
- राज्यवार प्रदर्शन
- पिछले वर्ष के केवल अंक
प्रश्न: SBI PO की अंतिम कट ऑफ किस आधार पर तय होती है?
- प्रारंभिक परीक्षा के अंकों पर
- मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के संयुक्त अंकों पर
- केवल इंटरव्यू के प्रदर्शन पर
- प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के अंकों पर
प्रश्न: पिछले पांच वर्षों में SBI PO प्रारंभिक परीक्षा कट ऑफ में क्या प्रवृत्ति देखी गई है?
- कट ऑफ अंक हर साल बढ़ते गए हैं
- कट ऑफ अंक में उतार-चढ़ाव रहा है
- कट ऑफ अंक हर साल कम हुए हैं
- कट ऑफ अंक स्थिर रहे हैं
