भारत के महत्वपूर्ण वर्तमान घटनाक्रम: 31 मई, 2026
1. देश का पहला शहरी निकाय जिसने SEZ विकसित किया
मई 2026 में भारत सरकार ने पुडुचेरी में दो नए विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) बनाने की घोषणा की। ये SEZ 27 फरवरी 2026 को वाणिज्य विभाग के 137वें बोर्ड ऑफ अप्रूवल की बैठक में स्वीकृत हुए। इन क्षेत्रों का मकसद पुडुचेरी में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करना, निर्यात को बढ़ावा देना, निवेश को आकर्षित करना और गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर पैदा करना है।
| SEZ का नाम | स्थान | विकासकर्ता | विशेषताएं |
|---|---|---|---|
| IT/ITES SEZ | थत्तंचावड़ी | ओल्गारेट नगरपालिका | भारत में पहली बार किसी शहरी स्थानीय निकाय द्वारा विकसित SEZ |
| मल्टी-सेक्टर SEZ | कारासूर | पांडिचेरी इंडस्ट्रियल प्रमोशन डिवेलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन | औद्योगिक विविधीकरण और निर्यात आधारित विकास को बढ़ावा |
2. CSR नीति में बदलाव: Social Stock Exchange पर निवेश की सीमा
कंपनी अधिनियम 2013 के शेड्यूल VII में सुधार करते हुए, अब "Social Stock Exchange" पर शून्य कूपन एवं शून्य मूलधन वाले उपकरणों की सदस्यता CSR गतिविधियों में जोड़ी गई है। यह कदम सामाजिक परियोजनाओं के लिए CSR फंडिंग को पारदर्शी और नियंत्रित तरीके से बढ़ावा देगा।
इस नए नियम के तहत, कंपनियां इन उपकरणों में निवेश कर सकती हैं, परन्तु यह निवेश उनकी कुल CSR खर्च का 10% से अधिक नहीं होना चाहिए। यह व्यवस्था 'Not for Profit Organisation' और इन उपकरणों की परिभाषा के साथ लागू की गई है।
CSR का कानूनी आधार कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 135, शेड्यूल VII और CSR नीति नियम 2014 के अंतर्गत संचालित होता है, जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप सामाजिक योगदान को परिभाषित करता है।
3. भारत में पहला SkyCast सिस्टम कहाँ स्थापित हुआ?
मई 2026 में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारत का पहला SkyCast System लॉन्च किया। यह उन्नत वायुमंडलीय रिमोट सेंसिंग तकनीक आधारित सिस्टम है, जो विमानन मौसम की निगरानी और पूर्वानुमान के लिए वास्तविक समय डेटा प्रदान करता है।
इस प्रणाली को विश्व में केवल 18 देशों में पहले से स्थापित किया गया था, और भारत 19वां देश बना। यह तकनीक उड़ान सुरक्षा में सुधार करेगी और हवाई अड्डे की कार्यकुशलता बढ़ाएगी। दिल्ली के बाद अगला SkyCast System नोएडा के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगाया जाएगा।
4. अनक्लेम्ड वित्तीय संपत्तियों के लिए कॉमन लैंडिंग पोर्टल
29 मई 2026 को वित्तीय सेवा विभाग ने PSB Alliance के सहयोग से अनक्लेम्ड वित्तीय संपत्तियों के लिए एक कॉमन लैंडिंग पोर्टल लॉन्च किया। यह पोर्टल विभिन्न प्रकार की अनक्लेम्ड संपत्तियों जैसे बैंक जमा, बीमा दावे, शेयर, लाभांश और म्यूचुअल फंड की जानकारी एक स्थान पर उपलब्ध कराता है।
इस पहल का उद्देश्य नागरिकों के लिए अपनी अनक्लेम्ड संपत्तियों को खोजने और उनका दावा करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
5. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) के मुख्य तथ्य
NFHS-6 सर्वेक्षण 2023-24 में लगभग 6.79 लाख घरों को कवर किया गया और स्वास्थ्य, पोषण तथा परिवार कल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करता है।
मातृ और बाल स्वास्थ्य
- गर्भवती महिलाओं में एंटेनाटल केयर (ANC) कवरेज 95.9% तक बढ़ी।
- पहली तिमाही में ANC प्राप्त करने वाली माताओं का अनुपात 70% से बढ़कर 76.2% हुआ।
- चार या अधिक ANC विज़िट करने वाली माताओं का प्रतिशत 58.5% से बढ़कर 65.2% पहुंचा।
- संस्थागत प्रसव 88.6% से बढ़कर 90.6% हो गया।
- प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्रसव सहायता 89.4% से बढ़कर 91.3% हुई।
- जन्म के दो दिन के भीतर नवजात को पोस्टनाटल केयर प्राप्त करने वाले शिशुओं का प्रतिशत 79.1% से बढ़कर 85.3% हुआ।
- गर्भावस्था के दौरान आयरन-फोलिक एसिड की 100 दिन से अधिक खुराक लेने वाली महिलाओं का अनुपात 44.1% से बढ़कर 54.9% हुआ।
- 180 दिन से ज्यादा आयरन-फोलिक एसिड लेने वाली महिलाओं का प्रतिशत 26% से बढ़कर 37.8% हो गया।
परिवार नियोजन
- भारत की कुल प्रजनन दर (TFR) स्थिर बनी रही, जो 2.0 पर है।
- गर्भनिरोधक उपयोग दर (CPR) 66.7% से बढ़कर 69.1% हुई।
टीकाकरण और बाल स्वास्थ्य
- 12-23 महीने के बच्चों में पूर्ण टीकाकरण 83.8% से बढ़कर 87.1% पहुंचा।
- लगभग 95.6% बच्चों को सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों से टीकाकरण मिला।
- रोटावायरस वैक्सीन का कवरेज 36.4% से बढ़कर 85.4% हुआ।
- खसरे की दूसरी खुराक लेने वाले बच्चों का प्रतिशत 58.6% से बढ़कर 71.8% हो गया।
- बच्चों में तीव्र श्वसन संक्रमण (ARI) के लक्षण 2.8% से घटकर 1.9% हुए।
- गंभीर दस्त के मामले 0.5% तक कम हुए।
बाल पोषण
- छह माह से कम उम्र के बच्चों में स्तनपान करने वाले बच्चों की संख्या 95.6% तक पहुंची।
- जन्म के बाद पहले एक घंटे में स्तनपान कराने का अनुपात बढ़ा है।
